पता नहीं कब आएगा तू सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज-हाजरी लिखवाता हु

पता नहीं कब आएगा तू सांवरे

मेरी लाज बचाएगा तू सांवरे

बैठा हु में अब भी तेरी राह में........

दुःख में ही सब सुमिरन करते,कयाये सोच लिया

हमसे ये ना होगा बाबा,सच सच बोल दिया

देखो दिल में उतर,प्यार की ये परत,ो मेरे ओ मेरे सांवरे

पता नहीं............

लोग कहे जब श्याम दीवाना,दिल ये मुस्काये

अंतर्मन में दर्द हजारो,जखम न भर पाए

करुणा की हे गरज,सुनलो मेरी अरज, ओ मेरे सवेरे

पता नहीं..........

लाज हे गहना इस जीवन का,रखना बाबा ध्यान

जीवन सारा बीत रहा हे,करते हुए गुणगान

में निहारु तुझे,और पुकारू तुझे, ओ मेरे सांवरे

पता नहीं.........

अंश खड़ा हे बिच बजरिया,खुद को समझाए

साथ तेरे बंसीवाला,कयो तू घबराये

ये भरोसा मेरा,वो सहारा तेरा,न डिगे सांवरे

पता नहीं........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।