जय जय जय जैकार बोलो बोलो शनि देव की जय

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन शनि देव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय जैकार बोलो बोलो शनि देव की जय,

आप शनि हो नाये के स्वामी करते नाये हो,

जैसा कर्म करे कोई स्वामी वैसा ही देते हो फल

हो नाये के देवता

जय जय जय जैकार बोलो बोलो शनि देव की जय,

माता छाया सूर्ये पिता है,

बेहना यमुना ताप्ती,

जिस पर आप किरपा कर जाये निर्धन से राजा बने,

कष्टों से मुक्ती मिले जय जय जय जैकार बोलो बोलो शनि देव की जय,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।