ऐसी लगन लगा दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी लगन लगा दो ना चाहे सारा जग छुटे मुझे जग में वसा लो न,

अरमान है मेरे मन के युगल चरण चुमू नित ब्रिज की रज बन के,

अम्बर में घटा छाई नैन घन बरस रहे कार्लो न सुनवाई,

भागो में कलियाँ खिले दिल को तसली हो जब ब्रिज की गलियां मिले,

सागर में तरंग उठे बांकी झांकी कर तट यामुना प्राण छुटे,

परस यश को तज के गोपाली पागल श्री हरिदास भजे धज के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।