तन भी खाटू मन भी खाटू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तन भी खाटू मन भी खाटू जो कुछ है सब श्याम का

मेरा कुछ ना लागे रे भैया ये जीवन बस नाम का

हीरे मोती छोड़ दूँ सारू छोडूं सभी ख़ज़ाने

खाटू श्याम का भक्त जान कर ये दुनिया पहचाने

चाकर बनकर रहूं उम्र भर एक इन्ही के धाम का

मेरा कुछ ना लागे रे भैया ये जीवन बस नाम का

रोम रोम मेरा खाटू श्याम का जैकारा जब बोले

जो ना मिला कभी ये आत्मा उस आनंद में डोले

उसका नाम नहीं फिर मेरा जीवन है किस काम का

मेरा कुछ ना लागे रे भैया ये जीवन बस नाम का

प्राण निकल जाए तो यही है अरमा एक हमारा

कभी ना छूटे खाटू धाम न छूटे इनका द्वारा

दीपक बनकर जले ये मंगल चौखट पे हर शाम का

मेरा कुछ ना लागे रे भैया ये जीवन बस नाम का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।