बाबा मेरे खाटू वाले तू कर दे उजाले अँधेरे मन में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा मेरे खाटू वाले तू कर दे उजाले अँधेरे मन में,

कर करुणा मुझे अपनाले अन्दन जीवन में

बाबा ओ शीश के दानी मेहर बरसते हो,

सिमरन जो करे तेरा भव से तर जाते हो,

खाटू के श्याम धनी हो दुभिदा मिटाते हो,

जब जब भगतो ने पुकारा दौड़े ही आते,

हम शरण में आप की आये लगा लो चरनन में,

बाबा मेरे खाटू वाले तू कर दे उजाले अँधेरे मन में,

फागुन रुत ग्यारस की आये रात जगाने को.

आते लाखो नर नारी भोग लगाने को,

लगती है लम्भी कटारे झलक इक पाने को ,

कर दे के वध वंदना तुझको रिझाने,

सुख मिल जाता है जहां का कन्हियान तेरे दर पे,

बाबा मेरे खाटू वाले तू कर दे उजाले अँधेरे मन में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।