बताये दो बताये दो कहा गई भवानी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

फिर आये गई मन पे आंबे माँ दानी.

बताये दो बताये दो कहा गई भवानी,

पर्वत से पूछा गुफाओ से पूछा,

नदियों से पूछा लताओं से पूछा,

बताये नहीं कोई ऐसी हैरानी,.

बताये दो बताये दो कहा गई भवानी,

बजरंग से पूछा जोगन से पूछा ,

दिया न जवाब उन्हें कुछ नहीं सुजा,

बताये नहीं समजे झूठी कहानी,

बताये दो बताये दो कहा गई भवानी,

भेरो मिले हमको डमरू भजाते,

देखि हो मैया हम को कुछ तो बता दे,

सुनाये नहीं देती हमारी भी बानी,

बताये दो बताये दो कहा गई भवानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।