भक्त है श्री राम के हम भक्त है श्री राम के

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

निकल पड़े है हाथो में आज भगवा थाम के,

भक्त है श्री राम के हम भक्त है श्री राम के,

भारत की पहचान है भगवा,

हर हिन्दू की जान है भगवा,

वन में तन का कहना था ,

राम ने भगवा पहना था,

भगवा ध्वज फेराये थे ,

लंका जीत के आये थे,

भगवा का समान करो,

इस पे नोशावर जान करो,

हर इक को अपनाता है भगवा प्रेम लुटाता है,

दुश्मन को ललकार है ये भगवा तलवार है.

शांति का सन्देश है ये राम का उपदेश है ये,

ये जग आँगन इनका धर्म सनातन इसका है,

भगवा धारी यात्री है सभी अयोध्या धाम के,

भक्त है श्री राम के हम भक्त है श्री राम के,

इक ही नारा इक ही राम,जय श्री राम

राम नाम का पीलो याम,जय श्री राम

कहते रहो सब छोड़ के काम जय श्री राम

काम बड़ा तुम कर जाओगे राम भजो गए तर जाओगे

दुनिया में जो नहीं राम के सच में नहीं वो किसी काम के,

राम को भाये वो ही करना राम को भाये वो ही करना राम पे जीना राम पे मरना,

नाम नहीं है राम के जैसा कोई नहीं है राम के जैसा,

राम पे जान लुटाएंगे राम के है काम है,

भक्त है श्री राम के हम भक्त है श्री राम के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।