साँवरे की सेवा में जो मस्ती

- रवि शर्मा (श्रीगंगानगर)
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे की सेवा में जो मस्ती, ऐसी मस्ती जहां में नहीं है

इनकी सेवा में मिलती जो मस्ती वैसी मस्ती जहां में नहीं है

दुनिया वालों ने जब मुझसे पूछा, करता क्या है जो तुझ पे कृपा है

करता हूं सांवरे की मैं सेवा इससे बढ़कर मेरे लिए क्या है

सांवरे की सेवा में.

जो असल में है शाम में डूबे उन्हें नहीं परवाह दुनिया की

जिन पर भी चढ़ती है इसकी मस्ती ,मरने पर भी उतरती नहीं है

सांवरे की सेवा में जो....

जिनके दिल में बसे श्याम प्यारे उनके परिवार के वारे न्यारे

शर्मा ने लौ है जबसे लगाई ,बिगड़ी हुई किस्मत बनाई

सांवरे की सेवा में जो मस्ती

लेखक:- रवि शर्मा (श्रीगंगानगर)

7062534590

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।