माहे भी अवगा म्हने बुलाल्यो थे सरकर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हे भी आवैगा,म्हने बुलाल्यो थे सरकार

मनड़ो न लागे म्हारो,छूट रह्यो घर बार

म्हे भी आवैगा................

फागुन में जो नहीं बुलाओगा,बोलो कइया प्यार भड़ाओगा

साथीड़ा की जमघट माचेगी,महारा के आंसू ढलकाओगा

इतना भी गैर करो ना महान,सरकार

म्हे भी आवैगा..............

श्याम बगीची आलूसिंघ की शान, श्याम कुंड अमृत जल को पान

म्हारा चारु धाम हे खाटूधाम,,महान,बुलाता रहीज्यो बाबा श्याम

म्हे भी आवैगा.............

कोई थी धवजा उठावेगो,कोई महेंदी हाथ रचावेगो

कोई टिकट कटावे खाटू की,कोई थारे रंग लगावेगो

सुन सुन कर सबकी बात्ता,म्हे हा लाचार

म्हे भी आवैगा................

मेले की म्हे कर लेवा तयारी,,भूलन चावा या दुनियादारी

फागुन की मस्ती म्हे भी लुटा,लूट रही या दुनिया सारी

थारे इसारे की हे महान,दरकार

म्हे भी आवैगा....................

पहलेया पहल्या प्रेम बढ़ायो थो,जीवन में महारे रस बरसायो थो

प्रेम समुन्द्र भोत ही गहरो थो ,अंश बिचारो तेर ना पायो थो

डुबन के ताई छोड्या, के थे सरकार

म्हे भी आवैगा...............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।