कलयुग का ये देव निराला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग का ये देव निराला,श्याम धनि मेरा ये खाटू वाला,

हाथ पसारे जो भी आया उसी को माला माल कर दियां

नए भगत की पहले सुनता ये है नीला धारी,

बिन मांगे ही झोली भरता ऐसा है दातारि,

जिस ने भी दर पे शीश झुकाया मन चाहा फल उस ने पाया,

बन के सुदामा जो भी आया उसी को लालो लाल कर दियां,

अँधा दर पे आँखे पाता निर्धन पाए माया,

बांजन को बेटा मिल जाता कोड़ी कंचन काया,

दुखडो से लड़ के जिसने पुकारा बन करके आया उसका सहारा,

नंगे पैरो ही दौड़ा आया देखो री क्या कमाल कर दिया,

कलिकाल में इनके जैसा देव नहीं है दूजा,

हर्ष कहे घर घर में होती श्याम धनी की पूजा,

श्रद्धा से जिसने ज्योत जगाई इक पल ने करता सुनवाई,

जिसने भरोसा दिखलाया उसी को निहाल कर दियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।