मेरा कान्हा भोले भक्तों का दीवाना

मीरा बाई
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कान्हा भोले भक्तों का दीवाना,

कोई देखे संवारिये का बन कर दीवाना,

इक तारा ले हाथ में नरसी पहुंचा भात में कौन सा उसके साथ में,

आ कर काम बना गया घर घर धन बरसा गया भकत का मान बड़ा गया,

मेरा कान्हा भोले भक्तों का दीवाना

संवारिये के नाम पर राज पाठ सब त्याग कर पाव में घुघंरू बाँध कर ,

मीरा बाई चल पड़ी राणा की कुछ न चली प्रभु ने ही रक्षा करि,

मेरा कान्हा भोले भक्तों का दीवाना

भगतो की क्या बात है नारायण जब साथ संग सारी सौगात है,

नंदू भज श्री माधवव् मिट जाए सार भरम रहे याद इनके चरण

मेरा कान्हा भोले भक्तों का दीवाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।