कब लोगी खबरियां किशोरी बीती जाए उमरियाँ मोरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कब लोगी खबरियां किशोरी बीती जाए उमरियाँ मोरी,

तेरे द्वारे बता कैसे आउ बिन सहारे मैं चल भी न पाऊ,

बड़ी ऊंची अटारियाँ है तोरी बीती जाए उमरियाँ मोरी,

तेरे द्वारे बता कैसे आउ बिन सहारे मैं चल भी न पाऊ,

बड़ी ऊंची अटारियाँ है तोरी बीती जाए उमेरियाँ मोरी ,

कब लोगी खबरियां किशोरी बीती जाए उमरियाँ मोरी,

देदो कुछ वक़्त अब तो ख़ुशी का,

क्या भरोसा है इस जिंदगी का,

टूट जाए न सांसो की डोरी,बीती जाए उमेरियाँ मोरी ,

कब लोगी खबरियां किशोरी बीती जाए उमरियाँ मोरी,

रोये यादो में बलजीत तेरी बस अखियां भी सावन सी मेरी,

जलु बिरहमा में जल्दी जलती चुबोरी,बीती जाए उमेरियाँ मोरी ,

कब लोगी खबरियां किशोरी बीती जाए उमरियाँ मोरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।