मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

सत्य है ईश्वर, शिव है जीवन,

सुन्दर यह संसार है ।

तीनो लोक हैं तुझमे,

तेरी माया अपरम्पार है ॥

ॐ नमः शिवाय नमो, ॐ नमः शिवाय नमो

मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा,

शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा ।

बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम,

मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥

पार्वती जब सीता बन कर, जय श्री राम के सन्मुख आयी,

राम ने उनको माता कह कर, शिव शंकर की महिमा गायी ।

शिव भक्ति में सब कुछ सुझा, शिव से बढ़कर नहीं कोई दूजा,

बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम,

मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥

तेरी जटा से निकली गंगा और गंगा ने भीष्म दिया है,

तेरे भक्तो की शक्ति ने सारे जगत को जीत लिया है ।

तुझको सब डिवॉन ने पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा,

बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम,

मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।