बताऊ क्या तुझको साँवरे दिल की बात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बताऊ क्या तुझको साँवरे अपने दिल की बात,

मन की पीड़ा मन ही मन ही जाने क्या जाने तू नाथ,

बताऊ क्या तुझको साँवरे अपने दिल की बात,

हिचकोले न खाये वो नैया जिसके तुम हो श्याम खवइयाँ,

फिर क्यों मेरी जीवन नैया खाये भवर से मार,

बताऊ क्या तुझको साँवरे अपने दिल की बात,

चोट जिगर पे इतने खाये दर्द साहा न मुझसे जाये,

दिल की उजली धुप भी लगती है अधियारी रात,

बताऊ क्या तुझको साँवरे अपने दिल की बात,

बिगड़ी मेरी तकदीर स्वारो हर मुश्किल से श्याम उभारो,

दीन हीन तुम कुंदन के हो बालक दीना नाथ,

बताऊ क्या तुझको साँवरे अपने दिल की बात,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।