सुन गोरा म्हारा नंदी हो जा लेट जाम में तू फसवा दे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन भोले मोहे दिखा दे इंडिया गेट सैर दिल्ली की करवा दे,

सुन गोरा म्हारा नंदी हो जा लेट जाम में तू फसवा दे,

सुन भोले मोहे दिखा दे इंडिया गेट सैर दिल्ली की करवा दे,

नंदी को छोड़ यही पे कार में घुमन जावन गे,

यमुना दौर लाल किले पे खाना पीना खावे गे,

सुन भोले खाने के सस्ते रेट वही पे खाना खिलवा दे

सुन गोरा म्हारा नंदी हो जा लेट जाम में तू फसवा दे,

यमुना जी दौरे वस्ता प्यारा गोकुल धाम है,

चले से तो चाल वही यहाँ रहते राधे श्याम है,

सुन भोले माहरी हो जा उनसे भेट दर्श उनसे भी करवा दे,

सुन गोरा म्हारा नंदी हो जा लेट जाम में तू फसवा दे,

मेहरोली में देखेंगे यहाँ बनी क़ुतुब की लाट है,

दिल्ली वाली के देखने कैसे ठाठ बाट है,

सुन भोले तुम ईशा रहे हो मेट भीम की कीली पकड़ा दे,

सुन गोरा म्हारा नंदी हो जा लेट जाम में तू फसवा दे,

इसा क्या है दिल्ली में देखन की ईशा मेरी है

मेहरोली के पास वसे गांव फतेपुर वेरी है,

हो उदयवीर विजय पाल कंवर करे लेट दर्श उनके भी करवा दे,

सुन गोरा म्हारा नंदी हो जा लेट जाम में तू फसवा दे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।