आजा श्याम वे सोह है तेनु प्यार दी

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हुण आजा श्याम वे, सोह है तेनु प्यार दी

तू की जाने किवे गुज़ारा घड़ियाँ इंतज़ार दी

इक दिन राति सपने दे विच आ गए श्याम मुरारी,

मोर मुकट मत्थे तिलक विराजे, कुंडला दी छवि न्यारी ।

आँख जद मैं खोली श्यामा, रह गयी रूप निहार दी,

हुण आजा श्याम वे...

डरदी मारी आँख न खोला किते सपना न टूट जाए,

मुश्किल दे नाल श्याम हत्थ आया, किधरे चला न जाए ।

आँख जद मैं खोली श्यामा, रह गयी वाजा मारदी,

हुण आजा श्याम वे...

तू की जाने दुख ने कहडे, फिकरां दे विच्च खोयी,

जोगन वाला भेष बना के योगन तेरी होई ।

चरना दे नाल ला ले श्यामा, रख दे लाज प्यार दी

हुण आजा श्याम वे...

जिस तन लागे सो तन जाने, होर ना जाने कोई,

मैं मस्तानी प्रेम दीवानी, दर्द न जाने कोई ।

देवन ताने घर दे मेनू, दुनिया पई सतावंदी,

हुण आजा श्याम वे...

जे श्यामा तू रास रचावे, मैं भी सखिया नचावदी, आजा श्यामा वे...

जे श्याम तू गया चरावे, मैं भी बछड़े चरावदी, आजा श्यामा वे...

जे श्याम तू मंदिर आवे, मैं भी कीर्तन करवादी, आजा श्यामा वे...

जे श्याम तू घर मेरे आवे, सोह सोह सगण मन्वादि, आजा श्यामा वे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।