तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इस जीवन के तुम जीवन हो

बृजचन्द्र तुम्हे कैसे समझाएं

दुखी होता बहुत तुम्हारे बिना

कैसे दिल अपना चीर दिखाएँ.....

तेरे फूलों से भी प्यार तेरे कांटो से भी प्यार

तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार

तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़

दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़

तुझे वंदन है बार बार हमको करले तू स्वीकार

तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार

हमको दोनों है पसंद तेरे धुप और छाँव

डाटा किसी भी दिशा में ले चल ज़िन्दगी की नाव

चाहे हमें लगादे पार या डुबादे बीच मंझधार

तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार

चाहे सुख दे या दुःख चाहे ख़ुशी दे या ग़म

मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम

चाहे हंसी भरा संसार चाहे आंसुओं की धार

तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार

तेरे फूलों से भी प्यार............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।