बिन जोगी के कोई

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

क्या जग में लाया था, क्या लेकर जाएगा ll

बिन जोगी के कोई ll, न साथ निभाएगा ll

कलयुग में जोगी का, इक्क नाम अधारा है ll

दुःख दूर भगा देता ll, उसका जैकारा है ll

यह दुनियाँ मतलब की, कोई साथ निभाए न ll

वो झोलियाँ भरता है ll, कोई ख़ाली जाए न ll

किस बात पे रोते हो, किस बात का रोना है ll

जो नाथ मेरा चाहे ll, वही तो होना हैं ll

लाखों ही तारे हैं, मुझको भी तरेगा ll

क्यों राज कमल डोले ll, वो कष्ट निवारेगा ll

क्या जग में लाया था, क्या लेकर जाएगा ll

बिन जोगी के कोई ll, न साथ निभाएगा ll

धुन- रातों को उठ उठ कर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।