बोलो जय जय सीताराम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रात बाबा सपने में आया संदेसा मेहंदीपुर का लाया,

बोला तू आके मिल के जाना तेरे बिगड़े बना दूंगा,

रे बोलो जय जय सीता राम रे बोलो जय जय सीता राम

माँ अनजनी का लाला है जो सब के दुःख ने बांटे,

खुशियों से झोली भरता और सब के संकट काटे,

जो रो कर आता हस कर जाता सब को मिलता है आराम,

बोलो जय जय सीताराम

जिस की जुबा पे राम नाम उस को तो बेडा पार,

उसकी जिन्दगी में बाबा ने चाँद लगाये चार,

तू करले आस तू रख विश्वाश न लगता इनका कोई दाम,

बोलो जय जय सीताराम

उतम छोकर बाला जी तेरी खूब बड़ाई करा करे,

विकास चोधरी तेरी शरण में शर्मा ने धरा करे,

तेरी मेहर से ये पलवन शहर मेरा से रोज पुरे गाव,

बोलो जय जय सीताराम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।