तेरा ही लाल हु मैं कुछ तो माँ ख्याल करो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरा ही लाल हु मैं कुछ तो माँ ख्याल करो ,

बिठा के गोद में मुझको भी थोड़ा प्यार करो,

तेरा ही लाल हु मैं कुछ तो माँ ख्याल करो ,

तुम्हारे प्यार का प्यासा ये दिल हमारा है,

मेरी इस नाव का तू ही तो माँ किनारा है,

पुकारू मैं तुझे मेरा भी बेडा पार करो,

तेरा ही लाल हु मैं कुछ तो माँ ख्याल करो ,

हजारो दोष है जिनका कोई हिसाब नहीं,

बिखरता पना हु मैं तो कोई किताब नहीं,

मुझे समेट कर मैया मेरा उधार करो,

तेरा ही लाल हु मैं कुछ तो माँ ख्याल करो ,

यहां से तोड़ कर रिश्ता माँ तुम से जोड़ लिया ,

तुहि बता तूने मुझे भला क्यों छोड़ दियां,

तुम अपने प्यार की मुझपर भी माँ फुहार करो,

तेरा ही लाल हु मैं कुछ तो माँ ख्याल करो ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।