चल बजरंगी नगर अयोध्या मंदिर वही बनाना है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

चल बजरंगी नगर अयोध्या मंदिर वही बनाना है,

बढ़ आगे तू ना हट पीछे संग में तेरे जमाना है,

चल बजरंगी नगर अयोध्या मंदिर वही बनाना है,

राम तो है भव तारण हारे,

सकल जगत के पालन हारे,

जो है विष्णु के अवतारी ऋषि मुनि पहचाना है,

चल बजरंगी नगर अयोध्या मंदिर वही बनाना है,

राम लला है सब के प्यारे,

जैसे सूरज चंदा तारे,

यहाँ राम ने जन्म लिया है मूरत वही बिठाना है,

चल बजरंगी नगर अयोध्या मंदिर वही बनाना है,

छोड़ के सारे काम और धंधे राम से मोह लगा ले बंदे,

सफल बना रघुवीर ये जीवन कुछ पल तुझे बिताना है,

चल बजरंगी नगर अयोध्या मंदिर वही बनाना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।