दी जे पे भाजे श्री राम का नारा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दी जे पे भाजे श्री राम का नारा,

डम डम बाजे ढोल,

गांव शहर में मच गया हला मच गया देखो शोर रे,

जय श्री राम बोल भाइयां जय श्री राम बोल,

अंजना माई के लाल हनुमत उलटी गुलाटी मारे,

हनुमत ला ले राम नाम का सीता जपा लगा के,

दी जे भज गई धूल कस गई हो रहो कैसे छोर,

गांव शहर में मच गया हला मच गया देखो शोर रे,

जय श्री राम बोल भाइयां जय श्री राम बोल,

राम नाम का भगवा रंग चढ़ गया सब पे जोर,

मस्त मलंग जो राम नाम का गूंजे चारो और,

इको चढ़े है देर से चढ़े है मच रहा अब तो छोर,

गांव शहर में मच गया हला मच गया देखो शोर रे,

जय श्री राम बोल भाइयां जय श्री राम बोल,

रामा जी सीता संग हनुमत लला आवे,

सूंदर मुखड़ा राम का देखे मन ही मन मुश्कावे,

मनोज बखेड़े घना लिखे है नाचे सब घर और,

गांव शहर में मच गया हला मच गया देखो शोर रे,

जय श्री राम बोल भाइयां जय श्री राम बोल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।