नन्द घर होये नन्दलाल बधाई होवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नन्द घर होये नन्दलाल बधाई होवे

पहली बधाई बाबा नन्द जी नु होवे

जिसने रहनमा है नन्दलाल बधाई होवे

दूजी बधाई माता यशोदा नु होवे

गोदी च उठाया नन्दलाल बधाई होवे

तीजी बधाई राधा रानी नु होवे

जोड़ी तोह जावा बल्हारा बधाई होवे

चौथी बधाई सारी सखिया नु होवे

करझा रे किता मंगलाचार बधाई होवे

पंचवी बधाई सारी जनता नु होवे

फुल्लां दी किती है बाहार बधाई होवे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।