दीवाना तेरा आया बाबा तेरी गुफ़ा में

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॥ पावन पाठ ॥

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में ll

*दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

नज़राना दिल का, लाया रे लाया,

नज़राना दिल का, लाया,,, बाबा तेरी गुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

*आते हैं तेरे दर पे, दुनियाँ के सब पुजारी* ll

मैं मँगता भी, आया रे आया,

मैं मँगता भी, आया,,, बाबा तेरी गुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

तेरे दर पे सब बराबर, कोई बड़ा न छोटा ll

सब ने सकूँन, पाया रे पाया,

सब ने सकूँन, पाया,,, बाबा तेरी गुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

*मिल भगतों को मेरे बाबा, भरनी तुम्हे पड़ेगी ll

झोली मैं खाली, लाया रे लाया,

झोली मैं खाली, लाया,,, बाबा तेरी ग़ुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

*ग़ुफ़ा तेरी छोड़कर मैं, कहीं और कैसे जाऊँ* ll

सब कुछ यहीं मैं, पाया रे पाया,

सब कुछ यहीं मैं, पाया,,, बाबा तेरी गुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

योगिओं के महांयोगी, तेरी महिमा है न्यारी ll

दीया भक्ति का, जलाया रे जलाया,

दीया भक्ति का, जलाया,,, बाबा तेरी गुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

*वो है राम कृष्ण विष्णु, या हो शेरों वाली मईया ll

मुझे तूँ ही नज़र, आया रे आया,

मैंने दर्शन तेरा, पाया,,, बाबा तेरी ग़ुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी नगरी में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

*तेरी ग़ुफ़ा के अज़ब नज़ारे, कहती है दुनियाँ सारी* ll

मैं भी रोट ले के, आया रे आया,

मैं भी झण्डा ले के, आया,,, बाबा तेरी ग़ुफ़ा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

न 'भगत' भूल पाएं, तेरी गुफ़ा के वो नज़ारा ll

हमे भगवान नज़र, आया रे आया,

हमे अल्लाह, नज़र आया,,, बाबा तेरी गुफा में l

दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी गुफ़ा में l

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना मस्ताना, मस्ताना हो गया l

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।