जागो हे महामाई भवानी जागो हे महामाई,

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जागो हे महामाई भवानी जागो हे महामाई,

पहली किरण सूरज की पड़ी माँ,

के नु शीश झुकाउ जागो हे महामाई

बाग़ बगीचों के फूल खिलाये,

चरनन फूल चड़ाउ भवानी ,

जागो हे महामाई

विद्या भगति कुछ न जानू,

दर्शन कैसे पाउ भवानी जागो हे महामाई,

हम परदेसी कुछ न जाने,

जाने न महिमा तुम्हारी भवानी ,

जागो हे महामाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।