ओ हीरो जीव सू प्यारो रे

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॥ पावन पाठ ॥

ओ हीरो जीव सू प्यारो रे,मत खोई मेरा मनवा हीरो,

रतन अमोलख मिल्यो बावरा,तू रतन जतन कर राखी रे,

माया ठगणी इण नगरी मे,थारो लाल ठगे लाखीणो रे,

काम क्रोध मद लोभ मोह,इण ठगणी रा साथी रे,

विषया रो थाने विष पावेला,ओर नाखे ऊंडे खाडा मे,

चोर ठगा री बस्ती मे तु,सावधान होय रहीजे रे,

सदानन्द समझावे थाने,थे नींद भ्रम री त्यागो रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।