साई बाबा का क्या कहना

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॥ पावन पाठ ॥

क्या कहना क्या कहना क्या कहना

साईं बाबा का क्या कहना

जो भी आता है कुछ तो पाता है,

खाली कोई भी नही जाता है

है निराली आप की शान बाबा,

जिंदगी तुमपे है कुर्बान बाबा,

है यहा तंतिल इश्क क्या कहना जो भी कहना है साईं से कहना,

क्या कहना क्या कहना साईं बाबा का क्या कहना,

मैं साईं तेरा दीवाना वरना जग को बेगाना,

मैं पंख लगा के मुड आया दरबार तुम्हारे मैं आया,

साईं तुम से फरयाद करे तुम्हे सचे दिल से याद करे,

गलियों में तुम्हारा चर्चा है सारा आलम तुमपे वरसा है

एसी हस्ती का भला क्या कहना,जो भी कहना है साईं से कहना,

क्या कहना क्या कहना साईं बाबा का क्या कहना,

रहती है तुमको सब की खबर तुझको है साईं सब की फिकर,

अल्लह से दुआ तुम करते हो झोली सब की तुम भरते हो,

शिर्डी में रोनक साईं के अल्लाह की रहमत साईं पे,

याहा रूतबा अला साईं का याहा बोल है बाला साईं का,

मेरी निस्बत का भला क्या कहना,

जो भी कहना है साईं से कहना,

क्या कहना क्या कहना साईं बाबा का क्या कहना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।