दीवाना तेरा आया भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में ll

*दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में l

नज़राना दिल का लाया ll, भोले तेरी नगरी में l

दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में ll

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना दीवाना, मैं मस्ताना हो गया l

ओ भोले नाथ, ओ भोले नाथ l

आते हैं तेरे दर पे, दुनियाँ के नर और नारी ll

मैं भी मँगता आया ll, भोले तेरी नगरी में l

दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में ll

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना दीवाना, मैं मस्ताना हो गया l

ओ भोले नाथ, ओ भोले नाथ l

तेरे दर पे सब बराबर, कोई बड़ा न छोटा ll

झोली मैं खाली लाया ll, भोले तेरी नगरी में l

दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में ll

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना दीवाना, मैं मस्ताना हो गया l

ओ भोले नाथ, ओ भोले नाथ l

रूणिचा छोड़कर मैं, कहीं और कैसे जाऊँ ll

सब कुछ यहीं पाया ll, भोले तेरी नगरी में l

दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में ll

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना दीवाना, मैं मस्ताना हो गया l

ओ भोले नाथ, ओ भोले नाथ l

देवों के महांदेव, तेरी महिमा न्यारी ll

दीया प्रेम का जलाया ll, भोले तेरी नगरी में l

दीवाना तेरा आया, भोले तेरी नगरी में ll

मैं दीवाना मैं दीवाना, मैं दीवाना हो गया l

मैं दीवाना दीवाना, मैं मस्ताना हो गया l

ओ भोले नाथ, ओ भोले नाथ l

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।