जाटनी खाटू ने चाली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

टिकट या जयपुर की कटवाई चूरमा देसी घी का लड़ाई

और रींगस से द धजा उठाई श्याम की जय जयकार लगाई

श्याम का पटका

गले में लटका श्याम के दर्शन ने चाली चाल चली हरियाणा वाली पैर की जूती मड़कन आली जाटनी खाटू ने चली जाटनी खाटू में चाली

खाटू वाले श्याम धनी का सुन के आई चर्चा

सांवरिया यो सेठ देवे है हाथों हाथ ही पर्चा

यू सबसे ग्रेट सांवरा सेठ दे वे भक्तों ने खुशहाली,

चाल चली हरियाणा वाली पैर की जूती मटकन वाली,

जाटनी खाटू न चाली

हरियाणा से चली जाटणी साथ जाट नेcलेके हाथ पकड़ के.

चला यह जोड़ा जय बाबा की कह के

यू गोरा गोरा जाट का छोरा सात बेटे ने ले चाली...

श्याम द्वार पर जाकर सब ने माथा टेक लिया,

सोनू लखा श्याम धनी का जलवा देख लिया,

करें फिर फिर दर्शन होकर प्रसन्न वा झोली भर के ने चाली...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।