मैं निर्धन तू सेठ संवारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं निर्धन तू सेठ संवारा के फयादा इस यारी का,

बता कब ताला खोले गा बाबा बंद किस्मत माहरी का,

तेरे से ना मांगूगा तो और बता और कीथ जाओ मैं,

चेतक के का क्या करना ऑडी रेड फरारी चहु मैं,

मैं पैदल खुद मजा लेवे से लीले की असवारी का,

बता कब ताला खोले गा बाबा बंद किस्मत माहरी का,

इतना देदे सांवरियां हो घर में सारी मौज मेरे,

मैं भी जिद का पका हु न माँगन औ रोज तेरे,

सारी दुनिया में से चर्चा तेरी लखदात्री का,

बता कब ताला खोले गा बाबा बंद किस्मत माहरी का,

मांग मांग के थक गया सु ईब शर्म घनी आवे से,

के मज़बूरी मने दें ने इतनी देर लगावे से,

भगत तेरा भी बात देख रहा कद का अपनी वारि का,

बता कब ताला खोले गा बाबा बंद किस्मत माहरी का,

आज पड़ा से पाला सुनले मानु मैं भी हार नहीं,

या कह दे सांवरियां तने भीम सेन से प्यार नहीं,

मैं तेरा तू मेरा से के लेना दुनिया दारी का,

बता कब ताला खोले गा बाबा बंद किस्मत माहरी का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।