मैया अपने भगतो पर किरपा बरसाती है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया अपने भगतो पर किरपा बरसाती है,

किस्मत वालो के घर मैया आती है,

श्रद्धा से जो भी माँ को मनाते,

जीवन में सारी खुशियां वो पाते,

माँ मेरी ममता बिखराती है,

मैया अपने भगतो पर किरपा बरसाती है,

भगतो के घर जागे ज्योत नूरानी,

करुणा की सागर माँ वैष्णो रानी,

बचो को दर्शन दिख लाती है,

मैया अपने भगतो पर किरपा बरसाती है,

सर माँ के चरणों में तू भी जुका ले ,

भूलन कहे अपनी बिगड़ी बना ले,

माता हरीश भाग्ये चमकाती है,

मैया अपने भगतो पर किरपा बरसाती है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।