मन की तरंग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन की तरंग मार लो बस हो गया भजन,

आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन,

आये तुम कहा से जाओंगे तुम कहा को,

इतना तो दिल विचार लो बस हो गया भजन ,

आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन,

कोई तुम्हे बुरा कहे तुम सुन करो छमा,

वाणी का स्वर संभाल लो बस हो गया भजन,

आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन,

नेकी सभी के साथ में बन जाए तो करो,

मत सिर बलि का बार लो बस हो गया भजन,

आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन,

सिद्धांत साफ़ साफ़ ये सतगुरु कबीर का ,

सन्देश साफ़ साफ़ ये सतगुरु कबीर का,

जिन हंस रूप धार लो बस हो गया भजन ,

आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।