बेसहारों के सहारे हैं सभी कहते हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बेसहारों के सहारे हैं सभी कहते हैं

अपने भक्तों की पुकारों में बेस रहते है

मेरे जीवन के अँधेरे भी मिटा दो बाबा

तेरे दर पे तो उजालों के नूर बहते हैं

बेसहारों के ............

आँख की ज्योति चैन दिल का सभी खोया है

खुशियां क्या जानू मेरा दिल तो बहुत रोया है

जो भी मिल जाए तेरे नाम से सब सहते है

बेसहारों के ............

इन अंधेरों में मैं पग पग पे ठोकरें खाऊं

तू ही बतला दे मेरी मंज़िल मैं कैसे पाऊं

दरया आँखों से आंसुओं के सदा बहते हैं

बेसहारों के ............

लाखों तारे है मेरे बाबा क्या मजबूरी है

ज़िन्दगी मेरी बिना तेरे अब अधूरी है

रोज़ उम्मीद के बन बन के महल ढहते हैं

बेसहारों के ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।