कुछ और न मांगू मैं तुमसे मेरी तो दुनिया तू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैंने लिख दी अर्जी सांवरियां पढ़ के देख,

मैं तेरा हो जाओ कुछ लिख दे ऐसे लेख,

श्याम धनि खाटू वाले वाले बस इतना करदे तू,

कुछ और न मांगू मैं तुमसे मेरी तो दुनिया तू ,

मतलब के रिश्ते नाते इस दुनिया दारी में,

बस धोखे ही खाये अपनों की यारी में,

उम्मीद मेरी है बस तुमसे मेरी भी सुनेगा तू,

कुछ और न मांगू मैं तुमसे मेरी तो दुनिया तू ,

जब थी खुशिया पास मेरे दुनिया ने गले लगाया,

दुःख के बादल क्या छाए फिर सब ने किया पराया,

हार के आया दर पे तेरे मेरा बन जा तू ,

कुछ और न मांगू मैं तुमसे मेरी तो दुनिया तू ,

तेरी महिमा सब जग जाने तू है तारण हार,

शरणागत को गले लगा के जी भर के लुटाता प्यार,

टोनी जाने प्रीत तेरी सारी उम्र निभाए तू,

कुछ और न मांगू मैं तुमसे मेरी तो दुनिया तू ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।