तूने दर पे बुलाया भोलेनाथ रे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तूने दर पे बुलाया भोलेनाथ रे,

तूने हर्ली विपदा सारी तेरी जय हो हे भंडारी,

सिर दर पे जुकाया बन गई बात रे,

तूने हर्ली विपदा सारी तेरी जय हो हे भंडारी,

तेरी मूरत प्यारी प्यारी तेरी जटा में गंगा न्यारी,

हो बरसे किरपा तेरी दिन और रात रे,,

तूने हर्ली विपदा सारी तेरी जय हो हे भंडारी,

माथे चंदा आप विराजे गल सर्पं की माला साजे,

संग गणपति और गोरा मात रे,

तूने हर्ली विपदा सारी तेरी जय हो हे भंडारी,

बाबा तेरे खेल निराले खोल दिए किस्मत के ताले,

अब तो बत्रा भी भोले तेरा दास रे,

तूने हर्ली विपदा सारी तेरी जय हो हे भंडारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।