हे देशनोक री करणी माता घाणी खम्मा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे देशनोक री करणी माता हो ओ

हे देशनोक री करणी माता

घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा

हे महाशक्ति जगदंबा करणी

घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा

हे पार्वती अवतारी करणी

घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा

मेहाजी के घर आंगन मे हे अवतार लियो

सत की जोत जगाने चारण कुल ने अमर कियो

हे देवल री जायो री करणी हो ओ

हे देवल री जायो री करणी घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा

पापी कान्हा ने मारण ते सिंह रो रूप धरयो

राज दियो रीढमल ने खुद हात्या ते तिलक करयो

देवियाँ री महादेवी करणी हो ओ

देवियाँ री महादेवी करणी घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा

आंधा बन्ना ने ज्योति देवीरो उद्धार करयो

कई डूबता तेथो माता बेड़ा पार करयो

भक्ता रा दुख हरणे वाली हो ओ

भक्ता रा दुख हरणे वाली घाणी खम्मा हे माता घाणी खम्मा

हे देशनोक री करणी माता

जय माँ करणी जय माँ करणी

हे महाशक्ति जगदंबा करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

हे पार्वती अवतारी करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

हे कष्ट निवारे जय माँ करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

हो पार लगाये नैय्या करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

हे प्रेम से बोलो जय माँ करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

हे सारे बोलो जय माँ करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

जय माँ करणी जय माँ करणी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।