ऊंचा है मंदिर माँ का

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ऊंचा है मंदिर माँ का चांदी का द्वार

चरणों मे माँ के झुकता संसार

दरबार तेरा मैय्या किसने बनाया ,किसने देखा पहली बार

दरबार तेरा भक्तों ने बनाया, अंधे गुजर ने देखा पहली बार

दरबार तेरे पे मैय्या कौन कौन आया, कौन कौन मैय्या लाया उपहार

दर तेरे पे शंकराचार्य आये, चाणक्य चंद्रगुप्त लाये उपहार

मूरतमान हो तू बैठी जगदंबा, सिहांसन सोहे बाहरी हिमालय जात

भीमा, भ्रामरी और शताक्षी, बीच सिंहासन शाकुम्भर मात

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।