छीन ले हँसके सबका ये मन

(मनीष अनेजा जी)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छीन ले हसके सबका ये मन,

सखी री मेरो राधा रमण.

राधा रमण प्यरो राधा रमण…….

मुखड़े को देख कोटि चन्दा लजये,

घुगरेलि लट पे घटाए बारी जाये,

घटाए बारी जाये……

यहां के जादू भरे दो नयन

सखी री मेरो राधा रमण

छीन ले हसके सबका ये मन…

फूलन की सोये गले माला वैजन्ती,

कावरिया कहे और पटिका बसन्ती,

पटिका बसन्ती……….

याके पैजनिया बाजे चलन,

सखी री मेरो राधा रमण

छीन ले हसके सबका ये मन………..

राधा ही हृदय में करे रमन बिहारी,

दोवान की एक छवि अति प्यारी लगे अति प्यारी

लगे अति प्यारी……

राधा बिजली के साथ श्याम मगन

सखी री मेरो राधा रमण

स्वर - (मनीष अनेजा जी)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।