के भगत द्वारे आ गये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माता रानिये आ दर्श दिखा दे के भगत द्वारे आ गये

आज रेहमता दा मीह बरसादे के भगत द्वारे आ गये.

भगत ध्यानु तेरा दर्श पाया सी अकबर राजे ने भी छतर चढ़ाया सी ,

साडी भेटा नु भोग लगा दे के भगत द्वारे आ गये

कंजका बिठा के तनु चुनी बी चढाउनि है,

चाले आ ते तेरे दरबार फेरी पाउनि आ,

साढ़े रहा नु भी स्वर्ग बना दे के भगत द्वारे आ गये

ढिल्लो जाहे निमाने ते तू कर्म कमा दे माँ ,

डॉक्टर संधू नु भी दर्श दिखा दे माँ,

साडा दुनिया ते नाथ मुका दे,

के भगत द्वारे आ गये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।