ना ये मांगता हूँ ना वो मांगता हूँ

कपिल शर्मा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना ये मानता हूँ ना वो मांगता हूँ

गोबिंद मई तेरी ख़ुशी माँगता हूँ

जहाँ तुम रखोगे वाही मैं रहूँगा,

जहाँ नाथ रख लोगे वही मैं रहूँगा ।

आपने लिए आशिया मांगता हूँ ॥

ना ये मानता हूँ...

जो तुम कहोगे, करूँगा मैं दिलबर

तेरी ख़ुशी में ख़ुशी चाहता हूँ ।

ना ये मानता हूँ...

ये दुनिया ना रीझे, ना रीझेगी कभी भी

तुमसे ही आपन नाता चाहता हूँ ।

ना ये मानता हूँ...

मेरे हाथ टूटे हो मांगू मैं किसी से,

शहंशाह के दर से सदा मांगता हूँ ।

ना ये मानता हूँ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।