आधी सी रात में बंसी बाजी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आधी सी रात में बंसी बाजी आई आवाजे घन गोरा ओ माँ मैं जग गई ,

बंसी बजी बड़ी जोरा मैं जग गई,

आधी सी रात में बंसी बाजी

ससुरा भी सो रहे सांसु भी सो रही छोटी मेरी नंदी भी जाग रही,

उठ गई नन्द छठॉर बलमा मैं जग गई,

बंसी बजी बड़ी जोरा मैं जग गई,

आधी सी रात में बंसी बाजी

थोड़ी देर में नन्द भी सो गई मेरी अखियां की निन्दियाँ भी खो गई,

हुई गो रात गौर बलमा मैं जग गई,

बंसी बजी बड़ी जोरा मैं जग गई,

आधी सी रात में बंसी बाजी

दौड़ी दौड़ी मैं मधुवन में आई पवन देखे नजर घुमाई,

मिले न माखन चोर बलमा मैं जग गई,

बंसी बजी बड़ी जोरा मैं जग गई,

आधी सी रात में बंसी बाजी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।