ठंडी ठंडी चले रे पवन मई की मडुलियाँ में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ठंडी ठंडी चले रे पवन मई की मडुलियाँ में,

कौन लाल लाये माई लाल चुनरियाँ,

कौना फैलाये दामन मई की मडुलियाँ में,

राजा ले आये माई लाल चुनरियाँ ,

सुतरानी फैलाये दामन मई की मडुलियाँ में,

कौन ना बने मड़ियाँ रखवाले,

सु कोना लाये री पवन मई की मडुलियाँ में,

पंडा बने मड़ियाँ रखवारे,

तन मन लाये री पवन मई की मडुलियाँ में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।