भोले के धाम जायेगे हम भी बंगियां चढ़ाये गे

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भांग धतूरा छाने बैठे मस्ती में है जम के,

लम्बे लम्बे मार रहे कश भोले नाथ चिलम के,

जगह जगह गूंज रहे जैकारे बम बम के,

जिनके दर पे छट जाते है सरे बादल गम के,

भोले के धाम जायेगे हम भी बंगियां चढ़ाये गे

जाना है उज्जैन नगरियां महाकाल बाबा की दुवारियाँ,

करुणा की छलकाए गगरियाँ रेहमत वाली जिनकी नजरीयां,

मदिरा उनको पिलाये गे भोले के धाम जायेगे,

भोले के धाम जायेगे हम भी बंगियां चढ़ाये गे

भक्त भी खा के भांग के गोले झूम रहे है होले होले,

भक्ति की मस्ती में डोले बोल रहे है बम बम भोले,

नाचेंगे सब को नचायगे भोले के धाम जायेगे,

भोले के धाम जायेगे हम भी बंगियां चढ़ाये गे

शिव की भगति के लिए सावन करलो शिव का पूजन वंदन,

पावन हो जाएगा जीवन सब से कहे प्रकाश निरंजन,

बाबा की महिमा गाये गे भोले के धाम जाएगे ,

भोले के धाम जायेगे हम भी बंगियां चढ़ाये गे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।