बता दो एह मेरे मोहन तेरा दीदार कैसे हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बता दो एह मेरे मोहन तेरा दीदार कैसे हो,

बड़ी मुश्किल में हु मोहन तेरा दीदार कैसे हो,

तुम्हारा प्यार पा कर के हजारो तर गये लेकिन,

बड़ा पापी हु मैं मोहन मेरा उधार कैसे हो,

कभी राधा के संग मोहन कभी मीरा के मनमोहन,

मेरा तुम से मेरे मोहन मिलन इक बार कैसे हो,

डगर भी है बड़ी मुश्किल सफर भी है बहुत लम्बा,

ये भव सागर अगम गहरा है इस से पार कैसे हु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।