म्हारी भंवरावाली मईया म्हारे मन बसगी

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

म्हारी भंवरावाली मईया म्हारे मन बसगी,

नवराते में आवां मईया म्हारे जचगी |

गोरिया में मईया थारो मंदिर विशाल है,

काणा में तो कुंडल सोवे,माथे बिंदिया लाल है,

नाक में या नथ थारी म्हारे जचगी,

नवराते में आवां मईया म्हारे जचगी |

रोली-मोली काजल म्हारी मईया के चढावांगा,

जीण माँ के मन्दिरिये में धौंक लगावांगा

रोम रोम में मईया म्हारे मन बसगी,

नवराते में आवां मईया म्हारे जचगी |

लाल सुरंगी चुनड मईया,बीच तारा रो जाल है,

हांथां में है बाजूबंद,कब्जो सोहे लाल है,

जीण जयंती माता म्हारे मन बसगी,

नवराते में आवां मईया म्हारे जचगी |

भंवरावाली मईया म्हे तो गुण थारा गावांगा,

लेकर के निशान मईया मंदिर थारे आवांगा,

महावीर गुण गावे मईया मन बसगी,

नवराते में आवां मईया म्हारे जचगी |

म्हारी भंवरावाली मईया म्हारे मन बसगी,

नवराते में आवां मईया म्हारे जचगी |

भजन गायक - सौरभ मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।