साई राम मेरे साई नाथ मेरे मेरे जीवन की डोर है हाथ तेरे

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साई राम मेरे साई नाथ मेरे मेरे जीवन की डोर है हाथ तेरे,

चाहे दुःख माये हो चाहे सुख माये दिन,

साई रहना सदा तू साथ मेरे,

साई राम मेरे साई नाथ मेरे मेरे जीवन की डोर है हाथ तेरे,

मेरे साई इतना तू करना कर्म अगर हो जाए भूल

तू करना रेहम दूर रह के भी तू मेरे पास रहे मेरे हिरदये में साई तेरा वास रहे ,

साई राम मेरे साई नाथ मेरे मेरे जीवन की डोर है हाथ तेरे,

है बड़ा ही कठिन जीवन का सफर जाए मंजिल को दिखा ऐसी डगर ,

चाहे मोड़ कितने आया जाय करे मेरे संग में साई तेरा साया रहे,

साई राम मेरे साई नाथ मेरे मेरे जीवन की डोर है हाथ तेरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।