मैया धूम मची मड़ियाँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

वो तो हो रही लाल गुलाल मियां,

धूम मची मड़ियाँ में वो तो हो रही लाल गुलाल,

वो तो हो रही लाल गुलाल संग में नाचे लालो के लाल,

धूम मची मड़ियाँ में वो तो हो रही लाल गुलाल,

के मन केसर गोलियो माता के मन उड़त गुलाल,

अरे कौन की भीगे रंग चुनरियाँ कौन की पच रंग पाक,

मैया धूम मची मड़ियाँ में वो तो हो रही लाल गुलाल,

दो मन केसर गोलियो माता दस मन उड़त गुलाल,

अरे मैया दुर्गा की भीगे चुनरियाँ लँगूरे की बजरंग पाक,

मैया धूम मची मड़ियाँ में वो तो हो रही लाल गुलाल,

कहा दुलाऊ रंग चुनारिया कहा रे पचरंग पार,

कहा सुखाओ रंग चुनरियाँ कहा रे पच रंग पाक,

मैया धूम मची मड़ियाँ में वो तो हो रही लाल गुलाल,

गंगा दुलाऊ रे रंग चुनरियाँ यमुना रे पच रंग पार,

लहर सुखाउ रंग चुनरियाँ झटक झटक बजरंग पास,

मैया धूम मची मड़ियाँ में वो तो हो रही लाल गुलाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।