दरस दो गिरधारी बनवारी श्याम मेरी बीती उमरिया सारी

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दरस दो गिरधारी बनवारी

श्याम मेरी बीती उमरिया सारी

अब बहुत हुयी हेरि फेरी

अलके बिखराके आजाओ

अब बहुत हुयी मम मान सखी

मुस्कान लुटाते आजाओ

अब बहुत हुयी रसिया प्रीतम

लोगो को हसाते आजाओ

अब बहुत हुयी चीत्चोर सजन

बंसी को बजाते आजाओ

अब बहुत हुयी अब दीन बन्दू

बिगड़ी को बनाने आजाओ

अब बहुत हुयी करुणा सिन्धु

करुणा बरसाने आजाओ

अब बहुत हुयी हे परान नाथ

मेरे परान बचाने आजाओ

दरस दो गिरधारी बनवारी

श्याम मेरी बीती उमरिया सारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।