मेरे घर में वसे साई राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना जाऊ मैं काबा काशी,

ना ढुलूग बनु सन्यासी अंतर् मन सुख दान मन में चारो धाम मेरे मन में वैसे साई राम,

मेरे घर में वसे साई राम,

मेरे मन में है चारो धाम,

कोई बनाये मंदिर मस्जिद कोई बनता फकीरा,

कोई धन का बिस्तर बांदे संचे करता हीरा,

आँख मूंद कर देखो घर मेरा साई का धाम

मेरे मन को मिला दे श्याम मेरे मन में वसे साई राम,

मेरे घर में वसे साई राम........

ना काबू से कड़वा बोलू न मैं करू चतुराई,

सब प्राणी में साई वसे है किस की करू बुराई,

रोम रोम साई गुण गाये जीवन काबू का,

मुख में हो सदा साई नाम मेरा मन हो साई का धाम,

मेरे मन को मिला विश्राम मेरे मन में वैसे साई राम,

मेरे घर में वैसे साई राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।