तुम्हारी वंदना बिन साई पूजा व्यर्थ जायेगी

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॥ पावन पाठ ॥

तुम्हारी वंदना बिन साई पूजा व्यर्थ जायेगी,

जपु दिन रात मैं माला किसी की ना काम आएगी,

तुम्हारी वंदना बिन साई पूजा व्यर्थ जायेगी,

मान भक्ति का रख मुझ पे ये उपकार कर देना,

समर्पित भाव चरणों में किया है स्वीकार कर लेना,

है सपने जो साई नाथ मेरे साकार कर देना,

तेरी महिमा मेरे साई यकीनन रंग लाएगी ,

जपु दिन रात मैं माला किसी की ना काम आएगी,

तुम्हारी वंदना बिन साई पूजा व्यर्थ जायेगी,

सरल कितने हो तुम घर घर में साई फेरा लगाते हो,

भटकने से ही पहले राह तुम सब को दिखाते हो,

कोई गिरने लगे देकर सहारा पल में उठा ते हो,

तुम्हारी इक नजर बिगड़ी हुई किस्मत बनाएगी ,

जपु दिन रात मैं माला किसी की ना काम आएगी,

तुम्हारी वंदना बिन साई पूजा व्यर्थ जायेगी,

दिया है मंत्र रखे गा जो मन में श्रद्धा और सबुरी,

वही मन पर विजय पायेगा हर ईशा होगी पूरी,

तो फिर अरदास रह जायेगी साई मेरी क्यों अधूरी,

तुम्हारी रेहमतो से मेरे घर भी खुशियां आएगी,

जपु दिन रात मैं माला किसी की ना काम आएगी,

तुम्हारी वंदना बिन साई पूजा व्यर्थ जायेगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।